Skip to main content

जब अंधेरे ने पायलट को उड़न तश्तरी से बचाया - Real Story of Alien

जब अंधेरे ने पायलट को उड़न तश्तरी से बचाया - Real Story of Alien :

जब अंधेरे ने पायलट को उड़न तश्तरी से बचाया - Real Story of Alien

4 दिसम्बर, 1952 की रात जब सारा टैक्सास शहर या तो सो
रहा था, या फिर लोग-बाग अपने-अपने कामों में मशगूल थे ! उस रात अपनी नियमित उड़ान पर निकले यूनाइटेड स्टेट्स एयर फ़ोर्स के एफ-51 यान के चालाक के साथ कभी न भूलने वाला एक हैरत अंगेज हादसा पेश आया ! 

रात की नीरवता भरी शांति में अपने जहाज को उड़ाते हुए एक पायलट को जरा भी गुमान न था की अगले कुछ ही क्षणों में वह शांत उड़ान उसकी बाकी जिंदगी में एक कभी न भूलने वाली हलचल बन कर रह जाएगी !

एफ-51 का वह पायलट अपनी नेवीगेशन लाइट्स को जलाए
हुए आराम से अपनी उड़ान भर रहा था, तभी सामने कुछ दूरी
पर स्थित एक चमकदार नीली आभा लिए किसी वस्तु ने उसके आराम में खलल डाला ! 

पायलट कुछ सोचता या संभालता, इससे पहले ही वह रहस्यमय नीली आभायुक्त वस्तु अपनी पूर्ण गति से एफ-51 से सीधी भिड़ंत की राह पर थी !

आख़िरी लम्हों में उस रहस्यमय नीली वस्तु ने अचानक एक मोड़ काट कर संभावित टक्कर टाल ली ! अचानक हुई उस भिड़ंत ने उस पायलट को बुरी तरह से हिलाकर रख दिया ! 

उस पायलट ने देखा की वह नीली आभायुक्त वास्तु अब उसके यान से ऊपर उठ रही थी ! उसके इस रवैये से साफ जाहिर था की वह चक्कर काट कर पुनः उस एफ-51 पर हमले का मन बनाए हुए थी !

इस बार एफ-51 का वह पायलट सतर्क था ! उसने तुरंत ही
अपने यान की समस्त नेवीगेशन लाइट्स बुझा दी और शीघ्रता से एक ओर गोता लगा गया ! पीछे मुड़कर देखने पर उसने देखा की नीली आभायुक्त वस्तु कुछ देर तक तो आकाश में चक्कर लगाती रही, पर उसके बाद वह एक ओर उड़ गयी !

स्पष्ट था की एफ-51 की नेवीगेशन लाइट्स के बंद होने पर अँधेरे की वजह से वह नीली आभायुक्त वस्तु उसे खोज न पाई थी ! उस रात घाटी वह घटना हवाई इतिहास की अन्य अनेक सनसनीखेज घटनाओं में से एक बन कर रह गयी !

उम्मीद करता हूँ जब अंधेरे ने पायलट को उड़न तश्तरी से बचाया - Real Story of Alien कहानी आपको पसंद आया होगा। 

Alien से संबंधित इसी तरह के real और mysterious story का नोटिफिकेशन पाने के लिए इस ब्लॉग को सब्सक्राइब करें और Alien Ki Duniya फेसबुक पेज को लाइक करें।

Comments

Popular

साइबेरिया का रहस्य - mysterious story of alien in hindi :---

साइबेरिया का रहस्य : Mystery of Siberia -  समय-समय पर हमारी पृथ्वी पर ऐसे घटनाए होती होती है, जो समस्त लोगो को झझोड कर रख देती है ! इनमे से कुछ प्राकृतिक तो कुछ अप्राकृतिक, अर्थात स्वयं मानव के कारण घटित होती है ! परन्तु कुछ घटनाएं ऐसे भी होती है, जिनके बारे में कभी पता नहीं चलता की उनके पीछे क्या रहस्य रहा था ! समूचे विश्व का ध्यान अपनी और खीचने वाली ऐसे ही एक घटना 30 जून 1908 को रूस के साइबेरिया इलाके में घटित हुए थी ! घटना वाले दिन एक विशाल अग्नि-पिंड आकाश को चीरता हुआ धरती की तरफ बढ़ने लगा ! फिर वह विशाल अग्नि -पिंड एक जोरदार धमाके के साथ धरती से टकराया ! टक्कर इतनी जोरदार थे की समूचे साइबेरिया का इलाका काँप उठा ! कंपन की तीव्रता से सारा इलाका थर्रा गया ! धमाका कितना जोरदार था, इसकी भयावहता का अनुमान इसी बाद से लगाया जा सकता है कि धमाके के बाद धुल और अग्नि का एक विशाल बादल आकाश में बन गया ! हरे पेड़ जो धमाके के स्थान से 30 किलोमीटर के घेरे में थे, धुल धूसरित होकर नष्ट हो गयी ! जोरदार धमाके के असर से 60 किलोमीटर दूर रहने वाले लोग भी उसकी आवाज और कम्पन से बेहोश होकर गिर पड़े !

चाँद का रहस्य : Mystery of Moon

चाँद का रहस्य : Mystery of Moon - प्रकृति में ऐसे अनेक अजीब स्थान और अजीबोगरीब चीजे बिखरी पडी है, जो मनुष्य के लिए पहेलियों के सिवा कुछ भी नहीं ! ऐसे पहेलियाँ, जिन्हे सुलझाने के प्रयास में मानव मस्तिष्क खुद ही उलझता जाता है, ऐसे ही एक जटिल और सर खपाने वाली पहेली सं 1996 में सामने आई। 1996 के फरवरी माह में चाँद पर उतरे रूसी यान, लूना-9 ने चन्द्र धरातल के कुछ ऐसे चित्र धरती पर भेजे थे, जिन्हे देखकर वैज्ञानिक आश्चर्य एवं विस्मय से भर गए ! वे उन चित्रो को देखकर उनके बारे में कोई संतोषजनक उत्तर न दे सके। भेजे गए चित्र एक ऐसे क्षेत्र के थे, जहाँ पत्थरों की एक सीध में जाती हुई कई लम्बी लम्बी कतारे थी ! ये चित्र चाँद के जिस हिस्से के थे, उसे कथित रूप से " ओशन ऑफ़ स्टोमर्स " कहा जाता है ! पत्थरो से निर्मित वे रहस्यमय कतारे बहुत ही सफाई से एक सीध में बनी हुई थे और आश्चर्यजनक रूप से हर पत्थर एक ही अकार एवं प्रकार का था ! सिर्फ इतना ही नहीं , कतारो में लगे पत्थरो की दूरी भी विलक्षण रूप से समान थी ! ऐसा लगता था मानो किसी ने चन्द्र धरातल पर उतरने के लिए "एयरपोर्ट " के सामान

एक अद्भुत वाकिया - एलियन की रहस्यमय कहानी

एक अद्भुत वाकिया - एलियन की रहस्यमय कहानी : ऑस्ट्रेलियाई शहर बेन्डिगो के नजदीक एक लंबी एवं सीधी सड़क से होकर रॉनाल्ड सुल्लीवेन 4 अप्रैल, 1966 को अपनी कार से गुजर रहा था। घटना वाली रात कुछ भी असामान्य नहीं था। उसकी गाड़ी का हर पुर्जा सही और ठीक तरह से काम कर रहा था। फिर अचानक एक स्थान पर आकर सुल्लीवेन के साथ एक अजीब ही वाकिया पेश आया। उसकी गाड़ी की हेडलाइट्स की रोशनी अचानक ही मुड़ गयी। ऐसा नहीं था की हेडलाइट्स ढीली या उनमे लगे लट्टू ढीले हों।  सुल्लीवेन यह देखककर हैरत में पड़ गया की हेडलाइट्स के प्रकाश की किरणें, प्रकाश की किरण के सिद्धांत के एकदम विपरीत, आश्चर्यजनक रूप से मुड़ गई थीं। इस अद्भुत एवं रोमांचक किस्से ने सुल्लीवेन को सक्कते में डाल दिया। सुल्लीवेन ने घबरा कर अपनी गाड़ी वही रोक ली। गाड़ी रोकने के साथ ही सुल्लीवेन की नजर सड़क के किनारे एक खेत पर जा पडी।  उसने वहां एक अजीब चमकती हुई चीज को देखा। सुल्लीवेन अभी इस दृश्य को हैरत से देख ही रहा था की सहसा वह चीज धीरे-धीरे हवा में ऊपर की ओर उड़ती हुई उसकी नजरों से ओझल हो गयी। अगले ही पल एक आश्चर्य हुआ, उस रहस्यमय चीज के जाते ही सार

दर्द भरी शायरी -Dard bhari Shayari - Love Shayari

दर्द भरी शायरी - Dard bhari shayari दिल में है जो दर्द वो दर्द किसे बताएँ ! हंसते हुए ये जख्म किसे बताएँ ! कहती है ये दुनिया हमें खुश नसीब ! मगर इस नसीब की दास्ताँ किसे बताएँ ! हर वक्त तेरे आने की आस रहती है ! हर पल तुझसे मिलने की प्यास रहती है ! सब कुछ है यहाँ बस तू नहीं ! इसलिए शायद ये जिन्दगी उदास रहती है ! पास आकर सभी दूर चले जाते ! अकेले थे हम, अकेले ही रह जाते है ! इस दिल का दर्द दिखाएँ किसे ! मलहम लगाने वाले ही जख्म दे जाते है ! जो मेरा था वो मेरा हो नहीं पाया ! आँखों में आँसू भरे थे पर मैं रो नहीं पाया ! एक दिन उन्होंने मुझसे कहा कि हम मिलेंगे ख्वाबों में ; पर मेरी बदकिस्मती तो देखिये ; उस रात तो मैं खुशी के मारे सो भी नहीं पाया ! मुझको ऐसा दर्द मिला जिसकी दवा नहीं ; फिर भी खुश हूँ मुझे उससे कोई गिला नहीं ; और कितने आंसू बहाऊँ उसके लिए ; जिसको खुदा ने मेरे नसीब में लिखा ही नहीं ! टूटा हो दिल तो दुःख होता है ; करके मोहब्बत किसी से ये दिल रोता है ; दर्द का एहसास तो तब होता है ; जब किसी से मोहब्बत हो और उसके दिल में कोई और हो ! ऐ दिल मत कर इतन

इश्क शायरी-दर्द भरी शायरी - Love Shayari

इश्क शायरी-दर्द भरी शायरी - Love Shayari वो वक्त वो लम्हे कुछ अजीब होंगे ! दुनिया में हम खुश नसीब होंगे ! दूर से जब इतना याद करते हैं आपको ! क्या होगा जब आप हमारे करीब होगे ! कोई कहता है प्यार नशा बन जाता है ! कोई कहता है प्यार सजा बन जाता है ! पर प्यार करो सच्चे दिल से , तो वो प्यार ही जीने की वजह बन जाता है ! कभी किसी से प्यार मत करना ! हो जाये प्यार तो इंकार मत करना; चल सको तो चलना उस राह पर वरना किसी की जिन्दगी बर्बाद मत करना ! जब कोई ख्याल दिल से टकराता है ! दिल न चाह कर भी खामेश रह जाता है ! कोई सब कुछ कहकर , प्यार जताता है कोई कुछ न कहकर भी , सब बोल जाता है ! छुपा लू तुझको अपनी बाँहों में इस तरह , कि हवा भी गुजरने की इजाज़त माँगे ; मदहोश हो जाऊँ तेरे प्यार में इस तरह कि होश भी आने की इजाज़त मांगे ! सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नहीं ; दूर वो मुझसे है पर मैं खफा नहीं ; मालूम है अब भी वो प्यार करते हैं मुझसे ; वो थोड़ा सा जिद्दी है , मगर वेवफा नहीं ! दिल की किताब में गुलाब उनका था ; रात की नींदों में ख्वाब उनका था ; कितने प्यार करते हो जब हम

पकड़ी गई उड़न-तश्तरी का रहस्य - एलियन की लाश - Story of Alien

पकड़ी गई उड़न-तश्तरी का रहस्य - एलियन की लाश - Alien dead body - Story of Alien : 2 जुलाई , 1947 की अंधेरी रात में रोजवैल (न्यू मैक्सिको, अमरीका) के आकाश में एक अद्भुत चमकीला यान (उड़न- तश्तरी) दिखाई दिया !  इसके ठीक बाद एक जोरदार धमाका सुनाई दिया और वह पश्चिम दिशा की तरफ उड़ता दिखाई दिया ! अगली सुबह एक मवेशी पालक को उस यान के उड़न पथ के नीचे मलबे के रूप में कुछ अवशेष मिले !  बिखरे हुए इस मलबे के ढेर में मुख्य रूप से धातु के पतले मगर कठोर टुकड़े बिखरे पड़े थे ! मलबे में पड़े वे टुकड़े अपने आप में बड़े ही अजीब थे ! मवेशी पालक उन्हे सुगमता से मोड़ रहा था, परंतु उन्हें तोड़ना आसान नहीं था !  इस मलबे के ढेर से पश्चिम की तरफ कई मील दूर इससे भी ज्यादा कुछ अद्भुत चीज पाई गई ! कथित इलाके में काम कर रहे एर सिविल इंजीनियर ने एक बड़ी ही आश्चर्यजनक और रोचक वस्तु देखी !  यह धातु की बनी हुई गोलाकार वस्तु थी और इसकी चौड़ाई करीब 10 मीटर थी ! जमीन पर गिरी इस डिस्क के चारों तरफ कई लाशें पड़ी थीं ! लाशें देखने में इंसानों के समान थीं, परंतु उनके सिर आश्चर्यजनक रूप से बड़े थे और पूर्णतः बाल विहीन थे ! अभ

दो औरतो के साथ अज्ञात प्राणी का अजीब मुलाक़ात - alien story

दो औरतो के साथ अज्ञात प्राणी का अजीब मुलाक़ात - alien story in hindi : यह घटना नॉर्वेजिया स्थित मोस्जोएन की गर्मियों के सुहावने दिन की है ! स्थानीय इलाके की दो औरतें घटना वाले दिन अपने घर के पास एक स्थान पर बैरीज (एक प्रकार का जंगली फल) इकट्ठा करने के उद्देश्य से निकली थीं !  दोनों औरतें आपस में बात करती हुई अपने काम को अंजाम दे रही थी की तभी एक आदमी उन दोनों औरतों के पास आया और उसने उन्हें इशारे से अपने पीछे-पीछे आने को कहा ! दोनों औरतों को थोड़ी हैरानी तो अवश्य हुई, पर फिर कुछ सोचती हुई वे उस आदमी के पीछे-पीछे चल पड़ीं ! आदमी चलता हुआ एक स्थान पर जाकर रूक गया ! वहाँ दोनों औरतों ने एक अजीब-सी चीज देखी !  सामने ही एक अजीब डिस्कनुमा चीज जमीन पर पडी थी ! चीज के नीचे की जमीन कुछ धंसी हुई थी और वह व्यास में कोइ पांच मीटर के करीब थी !  अभी वे औरते उस अजीब-सी चीज को विस्मय से देख ही रहीं थी की सहसा उस आदमी ने उनसे बातें करनी शुरू कर दी, परन्तु  औरतों के पल्ले कुछ भी न पड़ा ! वे दोनो उसकी भाषा में प्रयुक्त किसी भी शब्द या ध्वनि को कोई भी हिस्सा समझ न पाई ! उन दोनों औरतों ने