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अलमीरो के चित्र - एलियन की कहानी - Mystery Of Alien

कई लोगों ने विभिन्न मौके पर उड़न-तश्तरियों को देखने का दावा किया है , परंतु अपने दावों की सच्चाई के पक्ष में प्रस्तुत करने के लिए उनके पास कभी केई ठोस सबूत नहीं रहा ! यह सच है कि व्यक्ति को सम्मोहित (hypnotise) करके सच्चाई को जाना जा सकता है , परंतु ऐसी सच्चाई से सिर्फ वैज्ञानिक समुदाय रू-ब-रू हो सकता है , एक आम आदमी नहीं !


यह सच है कि उड़न-तश्तरिसां बता कर नहीं आती और ना
ही उनका कोई निश्चित स्थान या समय होता है! कभी-कभी
कोई एक भाग्यशाली ऐसा भी होता है , जो सबूत पेश करने
के उपकरणों से लैस होता है --- जी हां , कैमरा लिए होता है !  


यह घटना अलमीरो बरौना नामक एक पेशेवर फोटोग्राफर
से संबंधित है ! 16 जनवरी 1958 को अलमीरान्हे सालडनहा 
नामक एक ब्राजीलियन जहाज अटलांटिक में स्थित ट्रिनिडाड
के द्वीप से रवाना होने की पूर्ण तैयारी में खड़ा था !  इस जहाज
की डेक पर अलमीरो बरौना नामक एक फोटोग्राफर भी मौजूद
था !  


अचानक अलमीरो की नजर सामने आकाश में उड़ती हुई
एक अजीब चीज पर जा पड़ी !  वह चीज एक अद्भुत तश्तरीनुमा
यान था !  तीव्र गति और अद्भुत चमक लिए वह उड़न-तश्तरी
सीधी द्वीप की तरफ उड़ती हुई जली आ रही थी !  किस्मत से 
अलमीरो के पास उस समय अपना कैमरा मौजूद था ! उसने
बिना एक क्षण गंवाए ही उड़ते हुए उस रहस्यमय यान के दो
चित्र खींच लिए !  उसने देखा कि वह यान उड़ता हुआ उस 
द्वीप के पीछे होता हुआ नजरों से ओझल हो गया !  इसके
कुछ ही क्षणों बाद अलमीरें ने उस यान को पुनः उस द्वीप के
पीछे से होकर सागर की तरफ वापस आते देखा ! इस बार 
भी अलमीरो ने  अविलंब उसके दो चित्र खिंच लिए ! फिर 
वह यान तीव्र गति से उड़ता हुआ उसके नजरों से ओझल हो 
गया !  


अलमीरों दौड़ता हुआ नीचे पहुंचा और उसने अपने द्वारा खींची 
गई फिल्म को धोया ! चारों फिल्म नेगेटिव्ज में वह उड़ती हुई 
उड़न-तश्तरी स्पष्ट तौर से नजर आ रही थी !  वे चारों नेगेटिव 
इतने साफ है कि वे आज खीचें गए उड़न-तश्तरियों के 
अनेक चित्रों के बीच अपनी सफाई और स्पष्टता को लेकर 
निःसंदेह उड़न-तशितरियों के वजूद को प्रमाणित करने वाले 
पुख्ता प्रमाण हैं ! 

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