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वो असंभव रोशनी चांद पर --एलियन का रहस्य :---story of alien

वो असंभव रोशनी चांद पर -एलियन का रहस्य -
story of alien 














खगोलशास्त्र उस विद्या को कहते है , जिसके अन्तर्गत
खगोलविद् हमारे इस ब्रह्मांड में मौजूद लाखों ग्रहों और
सितारों का अध्ययन मूल रूप से शक्तिशाली दूरबीनों की
सहायता से किया जाता है ! दुनिया भर में खगोलविद्
हर रात अपनी इन दूरबीनों की सहायता से ब्रह्मांड में
मौजूद ग्रह और सितारों की गतिविधियों का अध्ययन
करते रहते है ! उनके इन्ही अथक प्रयासों के फलस्वरूप ही
हम अपने ब्रह्मांड के बारे में नित नई जानकारियां पाते है !
कई बार इनके प्रयासों से कुछ ऐसी जानकारियां मिलती हैं ,
जो अपने आप में बहुत ही रहस्यपूर्ण होती है !


ऐसी ही एक रहस्यपूर्ण घटना का पता सन् 1965 के जून माह
में लगा !  एक खगोलविद् , जो रात्रि में जगमगाते हुए आकाश
को पूरी तल्लीनता से अपनी दूरबीन से निहार रहा था , अचानक
चौंक उठा ! उस समय खगोलविद् अपनी शक्तिशाली दूरबीन

से चांद की सतह को निहार रहा था , उस समय चौंक उठा , जब
उसने चांद की सतह से एक अति शक्तिशाली एवं चमकीली
रोशनी की किरण को प्रस्फुटित होते हुए देखा ! वह रहस्यमय
किरण एक सेकेंड के अंतराल के बाद स्वतः ही बुझ गई ! चांद
का अध्ययन करने वाला वह खगोलविद् इस किरण को देखकर
चकित रह गया ! उसे सहसा ही विश्वास नहीं हुआ कि उसने
वास्तव में ऐसा कुछ देखा था ! चांद प्राकृतिक तौर पर एक
मृत ग्रह है और इसी वजह से उस किरण का कोई भी प्राकृतिक
कारण होना समझ के परे की चीज था !


अगले दो महीनों तक इस विचित्र किरण को अनेक अवसरों
पर एवं अनेक खगोलविदों ने देखा ! उन सभी ने चांद की सतह
से निकलने वाली उस किरण को देखा और वे सभी उसकी
सत्यता से इत्तफ़क रखते थे , परंतु उसकी वास्तविकता अर्थात्
उसके हेने के पीछे के कारण के बारे में कोई भी किसी भी तरह
का तर्क पेश नहीं कर सका !

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