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रहस्यमय एयरशिप्स - एलियन की कहानी - Mysterious Alien Spaceship

रहस्यमय एयरशिप्स - एलियन की कहानी - Mysterious Alien Spaceship अट्ठारहवीं सदी के अंत में यूनाइटेड स्टेटस (अमरिका) के आकाश में अनेक अज्ञात चीजों को उड़ते हुए देखा गया। उस समय तक किसी को भी यह गुमान न था की वे अज्ञात उड़ते चीजें अन्य ग्रहों से आए कोई वाहन या उड़न-तश्तरियाँ भी हो सकती थीं। लोगों में उस समय उन अज्ञात चीजों को लेकर एक आम अवधारणा थी की वे एयरशिप्स थीं। इन कथित एयरशिप्स के बारे में दर्ज विवरण के अनुसार वे बहुत विशाल एवं लंबी होती थीं और अकसर उनके नीचे यात्रियों के बैठने के लिए एक केबिन लटका रहता था। दर्ज कई घटनाओं में उन लटकते हुए केबिनों में यात्रियों को देखा जाना दर्ज है। वे यात्री कभी-कभी किसी अज्ञात भाषा में चिल्लाते और इशारे करते थे। परंतु कभी-कभार ही उनके द्वारा कहा गया कोई शब्द या वाक्य नीचे खड़े लोगो की समझ में आता। अक्सर देखा गया है की उन रहस्यमय यात्रियों की पानी में गहरी रूचि रही और वे अकसर लोगों से बाल्टियां भर-भर पानी देने को कहते। इन रहस्यमय 'एयरशिप्स' के देखे जाने से संबंधित दर्ज घटनाओं में सबसे रोचक घटना अप्रैल , 1897 में घटित हुई थी। प्राप
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अज्ञात प्राणी : Mystery of Alien in hindi

अज्ञात प्राणी : Mystery of Alien in hindi - हम सब जानते हैं कि उड़न-तश्तरियों का मतलब अन्य ग्रहों से आये रहस्यमय यानों से है। अनेक दर्ज घटनाओं के अनुसार लाखों लोगों ने इन विचित्र यानों को धरती पर उतरते हुए देखा है। कइयों ने तो इन रहस्यमय यानों के सवार अर्थात सुदूर अंतरिक्ष से आये अज्ञात एवं विचित्र प्राणियों को भी अपने इन यानों से नीचे उतरते हुए तक देखा है।  इन कथित यानों एवं अज्ञात प्राणियों को देखे जाने की घटनाये 20वीं सदी में सर्वाधिक रही हैं। यदि यह कहा जाए कि इनकी शुरुआत बीसवीं सदी में हुई, तो ये कोई अतिशयोक्ति तो नहीं, परंतु पूर्ण सत्य भी नहीं।  प्राचीन दस्तावेज के अनुसार फ्रांस में चारमेन के शासन (सं 742-814) के दौरान एक अज्ञात प्राणी ने धरती पर अपने कदम रखे थे। घटना स्थल पर मौजूद एक किसान के हवाले से बताया गया है कि उसने आकाश से गिरे एक अज्ञात एवं अजीब प्राणी को देखा।  दस्तावेज में दर्ज है कि उस प्राणी ने अपने आपको मगोनिया नामक स्थान का निवासी बताया था। उसके अनुसार वहां के लोग हवा में चलने वाले रथों की सवारी करते थे।  परंतु अफसोस ! इस दुर्लभ दस्तावेज में आगे कहीं भी इस विलक्षण ब

चकाचक सफाई : Alien Real Story in hindi

चकाचक सफाई : Alien Real Story in hindi - घटना 22 सितम्बर, 1974 के दिन शाम के ठीक पांच बजे की है। एक महिला ने लौंसेस्टन स्थित अपने घर (तस्मानिया से करीब 50 किलोमीटर दूर) के सामने अपनी कार खड़ी की। वह वहां अपने एक रिश्तेदार के आने का इंतजार कर रही थी।  अचानक कार का रेडियों अपने आप बजने लगा। ठीक उसी क्षण उस महिला ने पास स्थित पेड़ों के झुरमुट से एक चमकीली रोशनी को निकलते हुए देखा। रोशनी को देखने पर उस महिला ने पाया कि वह एक उड़ती हुए कोन (त्रिभुज) आकर की आकृति के शीर्ष से आ रही थी।  इस अजीबोगरीब एवं हैरत अंगेज दृश्य को देखकर वह महिला डर गई। डर के मारे उसने अपनी गाड़ी को पीछे करना चाहा, परंतु डर जाने से वह अपना संतुलन कायम न रख सकी और उसकी गाड़ी लहराती हुई सड़क से नीचे स्थित एक खड्डे में जा धंसी।  आतंकित महिला अपनी गाड़ी से निकलकर घर की तरफ भाग खड़ी हुई। बाद में जब उस महिला का पति एवं बेटा गाड़ी लेने घटनास्थल पर पहुंचे, तो वहां वह अजीब आकृति वाली उड़ान-तश्तरी तो नहीं मिली, हां, अलबत्ता एक आश्चर्यजनक चीज जरूर देखने को मिली। गाड़ी का अगला आधा हिस्सा बेहद साफ-सुथरा एवं चमक रहा था।  कथित उड़ान-तश्तरी से

रहस्यमय रोशनियों का पीछा : Real UFO Story in hindi

रहस्यमय रोशनियों का पीछा (Real Alien Story in hindi) : घटना इंग्लैंड स्थित डार्टमूर नामक स्थान पर 24 अक्टूबर, 1967 में घटित हुई।  वहां सुबह होने में अभी काफी समय था। चारों ओर के वातावरण में रात का स्याह अंधकार फैला हुआ था। पुलिस गश्तीदल के दो सदस्य इस वक्त भी बड़ी मुस्तैदी से अपने फर्ज को अंजाम दे रहे थे कि तभी गश्तीदल के इन दोनों सिपाहियों का नजर अपनी से होकर सामने आकाश में स्थित एक विलक्षण नजारे पर पड़ी।  उन दोनों के अनुसार सामने आकाश में एक चमकता हुआ क्रॉस स्पष्ट दिखाई दे रहा था। यह उनसे करीब 350 मीटर की दूरी पर स्थित था। आश्चर्यजनक रूप से यह क्रॉस कुछ इस तरह से टिमटिमा रहा था, मानो कोई बिजली का बल्ब रह-रह कर जलता और फिर बुझ जाता हो।  दोनों सिपाहियों, कांस्टेबल विली और वेकॉट ने रेडियो संपर्क के जरिये मुख्यालय को अपनी स्थिति के बारे में अवगत कराया। अब वे दोनों उस रहस्यमय चीज के बारे में और अधिक जांच-पड़ताल के उद्देश्य से उसके पीछे चल पड़े, परन्तु जैसे-जैसे वे उस रहस्यमय क्रास के पास पहुंचने के लिए अपनी कर की गति बढ़ाते, ठीक वैसे-वैसे ही वह विलक्षण आकृति अपने स्थान से पीछे हटती जाती।  आखि

एक अद्भुत वाकिया - एलियन की रहस्यमय कहानी

एक अद्भुत वाकिया - एलियन की रहस्यमय कहानी : ऑस्ट्रेलियाई शहर बेन्डिगो के नजदीक एक लंबी एवं सीधी सड़क से होकर रॉनाल्ड सुल्लीवेन 4 अप्रैल, 1966 को अपनी कार से गुजर रहा था। घटना वाली रात कुछ भी असामान्य नहीं था। उसकी गाड़ी का हर पुर्जा सही और ठीक तरह से काम कर रहा था। फिर अचानक एक स्थान पर आकर सुल्लीवेन के साथ एक अजीब ही वाकिया पेश आया। उसकी गाड़ी की हेडलाइट्स की रोशनी अचानक ही मुड़ गयी। ऐसा नहीं था की हेडलाइट्स ढीली या उनमे लगे लट्टू ढीले हों।  सुल्लीवेन यह देखककर हैरत में पड़ गया की हेडलाइट्स के प्रकाश की किरणें, प्रकाश की किरण के सिद्धांत के एकदम विपरीत, आश्चर्यजनक रूप से मुड़ गई थीं। इस अद्भुत एवं रोमांचक किस्से ने सुल्लीवेन को सक्कते में डाल दिया। सुल्लीवेन ने घबरा कर अपनी गाड़ी वही रोक ली। गाड़ी रोकने के साथ ही सुल्लीवेन की नजर सड़क के किनारे एक खेत पर जा पडी।  उसने वहां एक अजीब चमकती हुई चीज को देखा। सुल्लीवेन अभी इस दृश्य को हैरत से देख ही रहा था की सहसा वह चीज धीरे-धीरे हवा में ऊपर की ओर उड़ती हुई उसकी नजरों से ओझल हो गयी। अगले ही पल एक आश्चर्य हुआ, उस रहस्यमय चीज के जाते ही सार

दो औरतो के साथ अज्ञात प्राणी का अजीब मुलाक़ात - alien story

दो औरतो के साथ अज्ञात प्राणी का अजीब मुलाक़ात - alien story in hindi : यह घटना नॉर्वेजिया स्थित मोस्जोएन की गर्मियों के सुहावने दिन की है ! स्थानीय इलाके की दो औरतें घटना वाले दिन अपने घर के पास एक स्थान पर बैरीज (एक प्रकार का जंगली फल) इकट्ठा करने के उद्देश्य से निकली थीं !  दोनों औरतें आपस में बात करती हुई अपने काम को अंजाम दे रही थी की तभी एक आदमी उन दोनों औरतों के पास आया और उसने उन्हें इशारे से अपने पीछे-पीछे आने को कहा ! दोनों औरतों को थोड़ी हैरानी तो अवश्य हुई, पर फिर कुछ सोचती हुई वे उस आदमी के पीछे-पीछे चल पड़ीं ! आदमी चलता हुआ एक स्थान पर जाकर रूक गया ! वहाँ दोनों औरतों ने एक अजीब-सी चीज देखी !  सामने ही एक अजीब डिस्कनुमा चीज जमीन पर पडी थी ! चीज के नीचे की जमीन कुछ धंसी हुई थी और वह व्यास में कोइ पांच मीटर के करीब थी !  अभी वे औरते उस अजीब-सी चीज को विस्मय से देख ही रहीं थी की सहसा उस आदमी ने उनसे बातें करनी शुरू कर दी, परन्तु  औरतों के पल्ले कुछ भी न पड़ा ! वे दोनो उसकी भाषा में प्रयुक्त किसी भी शब्द या ध्वनि को कोई भी हिस्सा समझ न पाई ! उन दोनों औरतों ने

किसी अज्ञात प्राणी का विशाल पद-चिह्न - Real Alien Story

किसी अज्ञात प्राणी का  विशाल पद-चिह्न - Real Alien Story : कभी-कभी कुछ ऐसा घाट जाता है, जिसके बारे में हम यह तो जानते हैं कि कुछ-न-कुछ तो घटा है, परंतु क्या घटा यह नहीं जानते ! इस तरह की घटनाएं दिलो-दिमाग को परत-दर- परत उलझा कर रख देती हैं ! ऐसी ही एक उलझन भरी घटना 1965 में अगस्त की रात श्रीमती हॉब्ज के साथ घटित हुई ! घटना वाली रात श्रीमती हॉब्ज घंटियों के टनटनाने जैसी आवाज सुनकर कुछ चकित हुई ! आवाज घर के बाहर से आ रही थी बाहर निकलकर उन्होंने देखा की उनके वाशिंगटन स्टेट (अमेरिका) स्थित घर  के पास ही आकाश में एक चमकीली रोशनी मंडरा रही थी ! ठीक उसी क्षण श्रीमती हॉब्ज ने देखा की उनके घोड़े और कुत्ते किसी चीज से भयभीत होकर मचलने लगे थे ! डर के मारे वे बेजुबान जानवर यहाँ-वहां भाग रहे थे ! अगली सुबह श्रीमती हॉब्ज के आश्चर्यचकित हो उठी ! वे रहस्यमय पद-चिह्न लंबाई में 55 सेंटीमीटर के थे और सबसे अधिक हैरानी व परेशान करने वाली बात वह यह थी की उन विशाल पद-चिह्नों में से प्रत्येक के बीच की दूरी, अर्थात एक डग की दूरी, आश्चर्यजनक रूप से 3 मीटर पर थी ! उक्त विशाल पद-चिह्न एक विशाल

किसी अज्ञात द्वारा पायलट गायब ! - Alien Ki Sachchhi Ghatnaa

किसी अज्ञात द्वारा पायलट गायब ! प्रस्तुत घटना हवाई उड़ानों के इतिहास में अपने आप में एक अजूबा और कभी न सुलझने वाले एक राज के रूप में दर्ज है। 21, अक्टूबर , 1978 को फ्रेडरिक वेलेन्टिच नामक एक व्यक्ति ने सेसना-182 विमान से उड़ान भरी।  फ्रेडरिक ने मेलबॉर्न से किंग आइलैंड (ऑस्ट्रलिया) के लिए उड़ान भरी थी, परंतु वह उड़ान हमेशा-हमेशा के लिए एक घटना बन कर रह गयी।  उस दिन उड़ान पर निकला फ्रेडरिक अपने गंतव्य स्थल पर कभी भी नहीं पहुँच सका। मेलबॉर्न से अपनी उड़ान पर निकले फ्रेडरिक ने एक घंटे बाद जमीनी अधिकारियों से अपने रेडियो द्वारा संपर्क साधा अधिकारियों ने बताया की उस समय उसके (फ्रेडरिक) आस-पास आधिकारिक रूप से कोई भी विमान उड़ान पर नहीं था। अधिकारियों ने फ्रेडरिक से उस यान के प्रकार के बारे में बताने को कहा। अधिकारियों के इस सवाल का फ्रेडरिक तत्काल कोई भी जवाब न दे सका, क्योंकि उसने उससे पहले वैसा कोई यान नहीं देखा था। फ्रेडरिक ने अधिकारियों को बताया की वह यान उसके द्वारा देखे गए किसी भी अन्य यान से मेल नहीं खाता था। इस पर अधिकारियों ने उसे इस यान का हुलिया बयान करने को कहा।